
धनौरी। (शुभम चौधरी) पिरान कलियर विधानसभा क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में सोमवार को धनौरी में रोजगार मेले का आयोजन किया गया। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष रोमा सैनी की पहल पर महर्षि दयानंद इंस्टीट्यूट मेडिकल कॉलेज, धनौरी में आयोजित इस मेले में क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में युवा पहुंचे।

रोजगार की तलाश में पहुंचे युवाओं ने अलग-अलग कंपनियों और संस्थानों में उपलब्ध पदों की जानकारी ली तथा अपनी योग्यता के अनुसार पंजीकरण कराया।आयोजकों की ओर से जारी जानकारी के अनुसार रोजगार मेले में करीब 800 युवाओं ने पंजीकरण कराया, जबकि लगभग 350 युवाओं को नौकरी के लिए चयनित किए जाने का दावा किया गया है। चयन प्रक्रिया के दौरान युवाओं की शैक्षिक योग्यता, कौशल और अनुभव के आधार पर विभिन्न रोजगार विकल्पों की जानकारी दी गई।रोजगार मेले का आयोजन स्वरोज फाउंडेशन के सहयोग से किया गया। आयोजन का उद्देश्य क्षेत्र के युवाओं को उनकी योग्यता एवं कौशल के अनुरूप रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना रहा। रोजगार मेले में युवाओं को निजी क्षेत्र में उपलब्ध नौकरियों के साथ करियर से जुड़ी संभावनाओं की भी जानकारी दी गई।इस अवसर पर भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष रोमा सैनी ने कहा कि युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना आज की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और विधानसभा क्षेत्र के युवाओं में प्रतिभा की कमी नहीं है, जरूरत केवल उन्हें उचित मंच और अवसर उपलब्ध कराने की है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए रोजगार मेले का आयोजन किया गया, ताकि युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार के विकल्पों की जानकारी मिल सके।

मेले में पहुंचे युवाओं ने भी रोजगार संबंधी जानकारी प्राप्त करने में उत्साह दिखाया। कई युवाओं ने विभिन्न कंपनियों द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे पदों, वेतन, कार्यक्षेत्र और चयन प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली।आयोजकों का कहना है कि इस तरह के रोजगार मेलों से युवाओं और रोजगार देने वाली संस्थाओं के बीच सीधा संपर्क स्थापित होता है। इससे नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को एक ही स्थान पर कई विकल्पों की जानकारी मिलती है और कंपनियों को भी स्थानीय स्तर पर योग्य अभ्यर्थी उपलब्ध हो सकते हैं।धनौरी में आयोजित इस रोजगार मेले को क्षेत्र के युवाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।