
हरिद्वार। आगामी कुम्भ मेले को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने की तैयारियों के तहत हरिद्वार स्थित CCR में यातायात नियंत्रण उपसमिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मेले के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़, यातायात प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही को लेकर विस्तार से मंथन किया गया।
बैठक में हरिद्वार SSP नवनीत सिंह को यातायात नियंत्रण उपसमिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। उपसमिति का मुख्य उद्देश्य कुम्भ मेले के दौरान अखाड़ों के सदस्यों, संतों और श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के साथ ही शहर और आसपास के क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना है।
बैठक में देहरादून, ऋषिकेश और टिहरी सहित संबंधित क्षेत्रों के अधिकारियों के साथ धर्मशालाओं, अखाड़ों, होटल, आश्रम, टैक्सी संचालकों, रोडवेज, रेलवे मुरादाबाद, परिवहन विभाग समेत विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं के प्रतिनिधियों को समिति में शामिल किया गया है। सभी विभागों और संबंधित स्टेकहोल्डर्स के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कुम्भ के दौरान यातायात को बाधामुक्त रखने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

इस दौरान पैदल यातायात व्यवस्था (Pedestrian Routes) पर भी विशेष चर्चा हुई। श्रद्धालुओं की संख्या और संभावित भीड़ को देखते हुए निर्धारित किए जाने वाले पैदल मार्गों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पैदल मार्ग सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक हों तथा भीड़ नियंत्रण के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं।
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि कुम्भ के दौरान श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी न हो और प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव नियंत्रित रखा जाए। उपसमिति द्वारा जमीनी परिस्थितियों का आकलन कर यातायात डायवर्जन, पार्किंग, पैदल मार्ग और भीड़ नियंत्रण से जुड़ी व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
प्रशासन का लक्ष्य स्पष्ट है—कुम्भ में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित यात्रा और सुचारु यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराना।