
हरिद्वार, 05 सितम्बर 2026। राष्ट्रीय राजमार्गों को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए जिला प्रशासन ने अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और सड़क की खामियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय में जिला राजमार्ग सुरक्षा टास्क फोर्स की बैठक आयोजित हुई। बैठक में राजमार्गों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को कई अहम निर्देश दिए गए।जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय राजमार्गों की भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने एनएचएआई को राजमार्गों पर नियमित गश्त बढ़ाने के साथ ड्रोन सर्वे कराने के निर्देश दिए, ताकि अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और सड़क से जुड़ी खामियों की पहचान कर समय पर कार्रवाई की जा सके।

बैठक में परिवहन विभाग को पुलिस, एनएचएआई और जिला प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर संयुक्त अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाने को कहा गया। इसके साथ ही मुख्य सड़क और शोल्डर पर भारी वाहनों की पार्किंग रोकने तथा वाहनों को निर्धारित ले-बाय और पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा कराने के निर्देश दिए गए।जिलाधिकारी ने सड़क निर्माण एवं रखरखाव से जुड़ी एजेंसियों को निर्धारित समय सीमा में सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश भी दिए। दुर्घटना संभावित स्थानों यानी ब्लैकस्पॉट का चिन्हीकरण कर उनके उपचार पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।बैठक में यह भी तय किया गया कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में जिला राजमार्ग सुरक्षा टास्क फोर्स हर पखवाड़े राजमार्ग सुरक्षा की समीक्षा करेगी। राजमार्ग सुरक्षा क्षेत्र में एनएचएआई या लोनिवि की पूर्व अनुमति के बिना किसी लाइसेंस या एनओसी को जारी अथवा नवीनीकृत नहीं किया जाएगा।

इसके अलावा आपातकालीन सेवाओं और टोल-फ्री हेल्पलाइन 1033 को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया।जिला प्रशासन ने राजमार्ग किनारे संचालित ढाबा संचालकों, व्यापारियों और परिवहन संचालकों से अपील की है कि वे स्वयं अवैध कब्जे हटाएं और भारी वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा करें। प्रशासन का कहना है कि इन प्रयासों का उद्देश्य राजमार्गों को अतिक्रमण और अवैध पार्किंग से मुक्त कर यातायात व्यवस्था बेहतर बनाना तथा यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है।