
कलियर।( शुभम चौधरी) थाना कलियर क्षेत्र में अवैध खनन और खनन सामग्री से भरे ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के संचालन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में दिन हो या रात, खनन सामग्री से लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली लगातार सड़कों पर दौड़ रहे हैं। शुक्रवार सुबह बेडपुर चौक के पास भगवानपुर-धनोरी हाईवे के निकट कथित रूप से अवैध खनन सामग्री से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई और हाईवे पर जाम की स्थिति पैदा हो गई।

बताया जा रहा है कि बेडपुर चौक से करीब 100 मीटर की दूरी पर कथित तौर पर अवैध तरीके से कॉलोनी के भराव का कार्य किया जा रहा था। इसी दौरान खनन सामग्री लेकर पहुंचे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को सड़क के बीच में ही रोक दिया गया, जिसके चलते सुबह के समय भगवानपुर-हरिद्वार हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि जिस स्थान पर यह गतिविधि होने का आरोप है, वहां से कुछ ही दूरी पर पुलिस की चेक पोस्ट मौजूद है। इसके अलावा बताया जा रहा है कि खनन विभाग का चेक पोस्ट भी घटनास्थल से लगभग 50 मीटर की दूरी पर है। इसके बावजूद यदि बिना नंबर के ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खनन सामग्री लेकर लगातार आवाजाही कर रही हैं तो निगरानी और जांच व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि खनन विभाग और पुलिस द्वारा नियमित रूप से वाहनों की जांच की जाती है तो फिर कथित रूप से बिना नंबर के ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉलियां इतनी आसानी से कैसे संचालित हो रही हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में चल रहे भराव कार्य की जांच कराई जाए और खनन सामग्री के स्रोत, परिवहन संबंधी दस्तावेज तथा वाहन के वैध कागजात की जांच की जाए।

हालांकि, अवैध खनन और संबंधित विभागों की मिलीभगत के आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में यह जांच का विषय है कि मौके पर इस्तेमाल की जा रही खनन सामग्री वैध स्रोत से लाई जा रही थी या नहीं और वाहनों के पास परिवहन से संबंधित आवश्यक अनुमति एवं दस्तावेज मौजूद थे या नहीं।स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि क्षेत्र में प्रशासनिक आदेशों के बावजूद खनन गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है। यदि जांच में नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित वाहन मालिकों, संचालकों और भराव कार्य से जुड़े लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की जा रही है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि मामले को लेकर जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और खनन विभाग मौके की जांच कर क्या कार्रवाई करते हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट होगा कि हाईवे पर जाम की स्थिति पैदा करने वाले वाहनों और कथित अवैध भराव कार्य के संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा क्या कदम उठाए जाते हैं।