
रिपोर्ट -शुभम चौधरी
हरिद्वार। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सोमवार को मायापुर स्थित खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बहादराबाद का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यालय की व्यवस्थाओं, साफ-सफाई, अभिलेखों के रखरखाव और शिक्षा के अधिकार अधिनियम से संबंधित कार्यों की जानकारी ली। परिसर में अपेक्षित साफ-सफाई नहीं मिलने और घास-झाड़ियों की कटाई न होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए संबंधित कर्मचारियों को व्यवस्थाएं तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण बनाए रखना अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कार्यालय परिसर की तत्काल सफाई कराने, अनावश्यक घास-झाड़ियों को हटाने और नियमित रूप से स्वच्छता व्यवस्था की निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यालय में आने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने शिक्षा के अधिकार यानी आरटीई अधिनियम के तहत किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आरटीई से जुड़े मामलों में पात्र बच्चों के हितों को प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक प्रकरण का निस्तारण पारदर्शी, संवेदनशील और समयबद्ध तरीके से किया जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा का अधिकार प्रत्येक पात्र बच्चे तक बिना अनावश्यक देरी के पहुंचना चाहिए।

उन्होंने कार्यालय की उपस्थिति पंजिका का निरीक्षण करने के साथ ही कर्मचारियों द्वारा रखी जा रही पत्रावलियों और अभिलेखों की स्थिति भी देखी। जिलाधिकारी ने सभी कर्मचारियों को अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने और दस्तावेजों का व्यवस्थित रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यालय परिसर में प्रस्तावित पुस्तकालय के लिए चिन्हित स्थल का भी जायजा लिया। उन्होंने पुस्तकालय परियोजना की प्रगति की जानकारी लेते हुए इसे जल्द विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्थानीय लोगों को अध्ययन एवं ज्ञानवर्धन के लिए बेहतर सुविधा मिल सके।
मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित चंद ने बताया कि परिसर में जीर्ण-शीर्ण भवन के स्थान पर पुस्तकालय निर्माण प्रस्तावित है। संबंधित भवन को निष्प्रयोज्य घोषित किया जा चुका है। पुस्तकालय निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था पेयजल निर्माण निगम की ओर से करीब 284.33 लाख रुपये का आगणन प्रस्ताव तैयार कर शासन को स्वीकृति के लिए भेजा गया है। अभी शासन स्तर से स्वीकृति प्राप्त नहीं हुई है।

इस पर जिलाधिकारी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को शासन स्तर पर प्रभावी पत्राचार करने के निर्देश दिए, ताकि प्रस्ताव को जल्द स्वीकृति मिल सके और पुस्तकालय निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षा विभाग के कार्यालय सीधे तौर पर जनहित से जुड़े हैं। ऐसे में अधिकारियों और कर्मचारियों को जिम्मेदारी, अनुशासन एवं पारदर्शिता के साथ कार्य करना चाहिए, ताकि शासन की मंशा के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
निरीक्षण के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट हर गिरी, जिला सूचना अधिकारी रती लाल शाह सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।