
इमलीखेड़ा। (शुभम चौधरी) स्वामी दयानंद सरस्वती विद्यालय में 25 एवं 26 सितंबर 2026 को आयोजित आराधना दिवस समारोह का शुभारंभ श्रद्धा, उत्साह और भारतीय संस्कृति की झलक के साथ हुआ। समारोह के प्रथम दिन विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों ने योग, संगीत, नृत्य, लोक-संस्कृति और मूल्य शिक्षा से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि स्वामी श्रद्धानंद जी ने दीप प्रज्वलित कर की। इसके बाद मंत्र एवं श्लोक पाठ के साथ कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया। विद्यालय की ओर से अतिथियों का सम्मान किया गया तथा विद्यार्थियों ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया।समारोह में एलकेजी और यूकेजी के नन्हे विद्यार्थियों ने मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बच्चों की मनमोहक नृत्य-नाटिका और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित अभिभावकों एवं अतिथियों को आकर्षित किया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में भारतीय संस्कारों और संस्कृति की सुंदर झलक देखने को मिली।

कार्यक्रम के दौरान श्रीमती मीना ने ‘स्वामी जी एवं AIM for Seva’ विषय पर प्रेरणादायक विचार रखे। इसके बाद AIM for Seva की चेयरपर्सन एवं मैनेजिंग ट्रस्टी सुश्री शीला बालाजी सहित अन्य अतिथियों ने स्वामी श्रद्धानंद जी और मूल्य शिक्षा से संबंधित विषयों पर अपने विचार साझा किए। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और सेवा भावना को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।उत्तराखंड की लोक-संस्कृति को मंच पर विशेष स्थान दिया गया। विद्यार्थियों ने गढ़वाली और कुमाऊंनी लोकनृत्यों की आकर्षक प्रस्तुतियां देकर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत किया।

वहीं कक्षा एक से तीन तक के विद्यार्थियों ने योग प्रदर्शन के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली, अनुशासन और मानसिक शांति का संदेश दिया।विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री गिरीश चंद्र उनियाल ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और अतिथियों को संबोधित करते हुए ऐसे आयोजनों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और सेवा भावना से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम का समापन ‘AIM for Seva’ के संकल्प और राष्ट्रगान के साथ हुआ। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार आराधना दिवस समारोह का उद्देश्य विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता, अनुशासन, मूल्य शिक्षा, स्वास्थ्य जागरूकता और सेवा-भाव को विकसित करना है। समारोह विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ-साथ संस्कारों और भारतीय मूल्यों से जुड़ने का अवसर प्रदान कर रहा है।